असम सरकार ने अपने चुनावी वादे से भी आगे बढ़कर एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम सरकार ने जहां 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, वहीं अब सरकार ने करीब 2 लाख नौकरियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह उपलब्धि न सिर्फ राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गई है।
असम सरकार का बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान जनता से वादा किया था कि उनकी सरकार सत्ता में आने के बाद 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। लेकिन बीते कुछ वर्षों में सरकार ने जिस तेजी से भर्ती प्रक्रिया चलाई, उसने इस लक्ष्य को दोगुना कर दिया। अब राज्य में करीब 1.96 लाख से ज्यादा सरकारी पदों पर नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं और बाकी पदों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन में सबसे ज्यादा नियुक्तियां
सरकार ने अलग-अलग विभागों में पारदर्शिता के साथ भर्ती की है।
- शिक्षा विभाग में सबसे अधिक नौकरियां दी गईं, जिसमें स्कूल टीचर, कॉलेज प्रोफेसर और एजुकेशन असिस्टेंट शामिल हैं।
- स्वास्थ्य विभाग में नर्स, डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ की नियुक्तियां हुई हैं।
- पुलिस विभाग में भी हजारों युवाओं को रोजगार मिला है, जिससे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है।
- इसके अलावा ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण, वित्त, और परिवहन विभागों में भी बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी मिली है।
मुख्यमंत्री ने कही बड़ी बात
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस उपलब्धि पर कहा कि, “हमने जनता से जो वादा किया था, उसे हमने निभाया है। लेकिन हमें इस बात की खुशी है कि हमने अपने लक्ष्य को पार कर लिया है। हमारा उद्देश्य सिर्फ नौकरियां देना नहीं बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।”
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में राज्य सरकार अगले चरण में 3 लाख नई नौकरियों का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी।
युवाओं के चेहरे पर खुशी
राज्य के विभिन्न जिलों में नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं में खुशी की लहर है। बहुत से युवाओं ने कहा कि असम सरकार ने जो वादा किया था, उसे सच्चे अर्थों में पूरा किया है। कई परिवारों के जीवन में स्थिरता आई है और अब उन्हें रोजगार की चिंता नहीं रही।
डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में असम सरकार ने डिजिटल माध्यम का उपयोग किया। ऑनलाइन आवेदन, पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया और मेरिट लिस्ट के आधार पर चयन किए गए। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी और योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिला।
विकास की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य के आर्थिक विकास में एक बड़ा कदम है। नई नौकरियों से लोगों की आय बढ़ेगी, जिससे स्थानीय बाजार और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।