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हरियाणा में अब इन सरकारी अधिकारियों का वेतन बढ़ाया जाएगा, जिसके बाद उन्हें भी जूनियर कर्मचारियों के समान बराबर मिलेगा वेतन

हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी की है। वित्त विभाग के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने दो अलग–अलग आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई वरिष्ठ कर्मचारी अपने कनिष्ठ (जूनियर) से कम वेतन प्राप्त कर रहा है, तो उसके वेतन में बढ़ोतरी (स्टेपिंग-अप) की जाएगी।
हालाँकि, यदि किसी जूनियर कर्मचारी को व्यक्तिगत कारणों के आधार पर अधिक वेतन मिल रहा है, तो ऐसी स्थिति में वरिष्ठ कर्मचारी को स्टेपिंग-अप का लाभ नहीं मिलेगा।

स्टेपिंग-अप और एसीपी को लेकर स्थिति स्पष्ट

प्रदेश सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी वरिष्ठ कर्मचारी का वेतन, उसके जूनियर के बराबर तभी बढ़ाया जाएगा, जब वह कर्मचारी एचसीएस (एसीपी) नियम–2016 के तहत एश्योर्ड करियर प्रमोशन (ACP) के लिए पात्र हो।

कई विभाग अपने स्तर पर जांच करने के बजाय इन मामलों को सीधे वित्त विभाग को भेज रहे थे। इसलिए अब निर्देश दिया गया है कि हर विभाग पहले ऐसे मामलों की जांच स्वयं करे, और केवल वही मामले वित्त विभाग को भेजें, जो नियमों के दायरे में नहीं आते या जिन पर स्पष्टता आवश्यक है।

वित्तीय शक्तियों के पुनः प्रत्यायोजन (री-डेलीगेशन) पर दिशा-निर्देश

कुछ विभागाध्यक्ष अपनी वित्तीय शक्तियों को फील्ड अधिकारियों को सौंप रहे थे, जो कि नियमों के अनुसार गलत है। नए आदेशों में इसे लेकर भी पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है—

  • प्रशासनिक विभाग केवल अपने विभाग के राजपत्रित अधिकारियों—जैसे सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव या SAS कैडर अधिकारियों—को ही वित्तीय शक्तियां सौंप सकते हैं।
  • विभागाध्यक्ष भी अपनी वित्तीय शक्तियां केवल अपने कार्यालय में कार्यरत राजपत्रित अधिकारियों—जैसे अतिरिक्त निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक—को ही दे सकते हैं।
  • प्रशासकीय सचिव किसी भी स्थिति में अपनी वित्तीय शक्तियां विभागाध्यक्षों को नहीं दे सकते।
  • विभागाध्यक्ष भी अपनी वित्तीय शक्तियां फील्ड अधिकारियों या कार्यालय प्रमुखों को नहीं सौंप सकते।

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